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Q: हिन्दी का ‘कौन’-सा प्रेमाख्यान कवि एक आँख का काना था?
  • A. ईश्वर दास
  • B. शेखनवी
  • C. कुतुबन
  • D. जायसी
Correct Answer: Option D - हिन्दी साहित्य प्रेममार्गी (सूफी) शाखा के प्रमुख प्रेमाख्यान कवि जायसी एक आँख से अन्धे थे। जायसी प्रसिद्ध सूफी शेख मोहिदी (मुहीउद्दीन) के शिष्य थे और शेरशाह के समकालीन कवि थे तथा अमेठी के जायस नामक स्थान पर रहते थे। पद्ममावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा तथा कन्हावत आदि मलिक मुहम्मद जायसी के ग्रंथ हैं। जबकि सत्यवती कथा ईश्वरदास, ‘ज्ञानदीप’ शेखनवी की तथा ‘मृगावती’ कुतुबन का ग्रंथ है।
D. हिन्दी साहित्य प्रेममार्गी (सूफी) शाखा के प्रमुख प्रेमाख्यान कवि जायसी एक आँख से अन्धे थे। जायसी प्रसिद्ध सूफी शेख मोहिदी (मुहीउद्दीन) के शिष्य थे और शेरशाह के समकालीन कवि थे तथा अमेठी के जायस नामक स्थान पर रहते थे। पद्ममावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा तथा कन्हावत आदि मलिक मुहम्मद जायसी के ग्रंथ हैं। जबकि सत्यवती कथा ईश्वरदास, ‘ज्ञानदीप’ शेखनवी की तथा ‘मृगावती’ कुतुबन का ग्रंथ है।

Explanations:

हिन्दी साहित्य प्रेममार्गी (सूफी) शाखा के प्रमुख प्रेमाख्यान कवि जायसी एक आँख से अन्धे थे। जायसी प्रसिद्ध सूफी शेख मोहिदी (मुहीउद्दीन) के शिष्य थे और शेरशाह के समकालीन कवि थे तथा अमेठी के जायस नामक स्थान पर रहते थे। पद्ममावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा तथा कन्हावत आदि मलिक मुहम्मद जायसी के ग्रंथ हैं। जबकि सत्यवती कथा ईश्वरदास, ‘ज्ञानदीप’ शेखनवी की तथा ‘मृगावती’ कुतुबन का ग्रंथ है।