Correct Answer:
Option B - ‘‘हिमाद्रि तुंग शृंग से, प्रबुद्ध शुद्ध भारती स्वयं प्रभा समुज्ज्वला, स्वतंत्रता पुकारती।’’ पंक्तियों में ओज गुण मौजूद है।
प्रस्तुत पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद के नाटक चंद्रगुप्त के छठे दृश्य में ‘वीर रस’ का प्रेरणादायक गीत है।
ओज गुण:- ऐसी कवि रचना जिसको पढ़ने से चित्त में जोश, वीरता, उल्लास आदि भाव उत्पन्न हो जाय वह ओज गुण युक्त काव्य रचना मानी जाती है। वीर, रौद्र, भयानक, वीभत्स रसों की रचना में ओज गुण पाया जाता है।
B. ‘‘हिमाद्रि तुंग शृंग से, प्रबुद्ध शुद्ध भारती स्वयं प्रभा समुज्ज्वला, स्वतंत्रता पुकारती।’’ पंक्तियों में ओज गुण मौजूद है।
प्रस्तुत पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद के नाटक चंद्रगुप्त के छठे दृश्य में ‘वीर रस’ का प्रेरणादायक गीत है।
ओज गुण:- ऐसी कवि रचना जिसको पढ़ने से चित्त में जोश, वीरता, उल्लास आदि भाव उत्पन्न हो जाय वह ओज गुण युक्त काव्य रचना मानी जाती है। वीर, रौद्र, भयानक, वीभत्स रसों की रचना में ओज गुण पाया जाता है।