Correct Answer:
Option A - सदा दीवाली संत की, बारह मास बसंत (हमेशा आनन्द का अनुभव करना)
आप भला तो जग भला (सभी अपने जैसा दिखायी देना)
जहाँ चाह वहाँ राह (दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कार्य करने का रास्ता निकल ही आता है।)
न सावन सूखा न भादो हरा (सदैव एक सा बना रहना)
A. सदा दीवाली संत की, बारह मास बसंत (हमेशा आनन्द का अनुभव करना)
आप भला तो जग भला (सभी अपने जैसा दिखायी देना)
जहाँ चाह वहाँ राह (दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कार्य करने का रास्ता निकल ही आता है।)
न सावन सूखा न भादो हरा (सदैव एक सा बना रहना)