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Q: हम कमरे में सूर्य का प्रकाश पाते हैं
  • A. प्रकीर्णन द्वारा
  • B. परवर्तन द्वारा
  • C. अपवर्तन द्वारा
  • D. विवर्तन द्वारा
Correct Answer: Option A - जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम से गुजरता है जिसमें धूल तथा अन्य पदार्थो के अत्यंत सूक्ष्म कण मौजूद होते है, तो इनके द्वारा प्रकाश सभी दिशाओं प्रसारित हो जाता है, इसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं। इसी घटना के द्वारा प्रकाश हमारे कमरे तक पहुँच पाता है। आकाश का नीला रंग प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ही दिखायी देता है। मूलत: प्रकाश का प्रकीर्णन, माध्यम के कणों द्वारा प्रकाश का अवशोषण तथा पुन: उत्सर्जन है।
A. जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम से गुजरता है जिसमें धूल तथा अन्य पदार्थो के अत्यंत सूक्ष्म कण मौजूद होते है, तो इनके द्वारा प्रकाश सभी दिशाओं प्रसारित हो जाता है, इसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं। इसी घटना के द्वारा प्रकाश हमारे कमरे तक पहुँच पाता है। आकाश का नीला रंग प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ही दिखायी देता है। मूलत: प्रकाश का प्रकीर्णन, माध्यम के कणों द्वारा प्रकाश का अवशोषण तथा पुन: उत्सर्जन है।

Explanations:

जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम से गुजरता है जिसमें धूल तथा अन्य पदार्थो के अत्यंत सूक्ष्म कण मौजूद होते है, तो इनके द्वारा प्रकाश सभी दिशाओं प्रसारित हो जाता है, इसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं। इसी घटना के द्वारा प्रकाश हमारे कमरे तक पहुँच पाता है। आकाश का नीला रंग प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ही दिखायी देता है। मूलत: प्रकाश का प्रकीर्णन, माध्यम के कणों द्वारा प्रकाश का अवशोषण तथा पुन: उत्सर्जन है।