search
Q: हम जो कुछ देख रहे हैं, सुन्दर है सत्य नहीं है। यह दृश्य जगत भासित है, बिन कर्म शिवत्व नहीं है।। उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों में निम्नलिखित में से कौन-सा छन्द है?
  • A. चौदह-चौदह मात्राओं की यति से 28 मात्राओं वाला मात्रिक छन्द
  • B. दस-दस वर्णों की यति से 20 वर्णों वाला वर्णिक छन्द
  • C. तेरह-तेरह मात्राओं की यति से 26 मात्राओं वाला मात्रिक छन्द
  • D. पन्द्रह-पन्द्रह मात्राओं की यति से 30 मात्राओं वाला मात्रिक छन्द
Correct Answer: Option A - प्रस्तुत छन्द में 14-14 मात्राओं की यति से मात्रिक छन्द हैं। अर्थात कुल 28 मात्राओं वाला मात्रिक छन्द के अन्त में दीर्घ होता है। ।। ऽ ।। ऽ। । ऽ । ऽ । ऽ । ऽ । ऽ हम जो कुछ देख रहे हैं, सुन्दर है सत्य नहीं है। ।। ऽऽ ।।। ऽ। । ऽ ।। ।ऽ ।।ऽ ।ऽ ऽ यह दृश्य जगते भासित है, बिन कर्म शिवत्व नहीं हैं।। इस प्रकार यह सम मात्रिक छन्द है।
A. प्रस्तुत छन्द में 14-14 मात्राओं की यति से मात्रिक छन्द हैं। अर्थात कुल 28 मात्राओं वाला मात्रिक छन्द के अन्त में दीर्घ होता है। ।। ऽ ।। ऽ। । ऽ । ऽ । ऽ । ऽ । ऽ हम जो कुछ देख रहे हैं, सुन्दर है सत्य नहीं है। ।। ऽऽ ।।। ऽ। । ऽ ।। ।ऽ ।।ऽ ।ऽ ऽ यह दृश्य जगते भासित है, बिन कर्म शिवत्व नहीं हैं।। इस प्रकार यह सम मात्रिक छन्द है।

Explanations:

प्रस्तुत छन्द में 14-14 मात्राओं की यति से मात्रिक छन्द हैं। अर्थात कुल 28 मात्राओं वाला मात्रिक छन्द के अन्त में दीर्घ होता है। ।। ऽ ।। ऽ। । ऽ । ऽ । ऽ । ऽ । ऽ हम जो कुछ देख रहे हैं, सुन्दर है सत्य नहीं है। ।। ऽऽ ।।। ऽ। । ऽ ।। ।ऽ ।।ऽ ।ऽ ऽ यह दृश्य जगते भासित है, बिन कर्म शिवत्व नहीं हैं।। इस प्रकार यह सम मात्रिक छन्द है।