Correct Answer:
Option A - असम के “साइट्रस बेल्ट” में 25 औषधीय पोषक पौधों के अत्यधिक दोहन से स्वालोटेल तितलियों पर असर पड़ा है। स्वालोटेल तितलियाँ (Papilionidae) परिवार से संबंधित हैं और आर्कटिक को छोड़कर विश्वभर में पाई जाती हैं। भारत में 573 स्वालोटेल प्रजातियों में से 77 पाई जाती हैं। कुछ स्वालोटेल प्रजातियाँ संरक्षित तितलियों के रंग और पैटर्न की नकल करती हैं। अवैध पशुपालन, कृषि, चाय की खेती, वृक्षों की कटाई और कीटनाशक के उपयोग जैसी गतिविधियाँ इनके लिए खतरा हैं। तितलियाँ महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संकेतक होती हैं, जिनके स्वास्थ्य से पारिस्थितिकी तंत्र का स्वास्थ्य और विविधता परिलक्षित होती है।
A. असम के “साइट्रस बेल्ट” में 25 औषधीय पोषक पौधों के अत्यधिक दोहन से स्वालोटेल तितलियों पर असर पड़ा है। स्वालोटेल तितलियाँ (Papilionidae) परिवार से संबंधित हैं और आर्कटिक को छोड़कर विश्वभर में पाई जाती हैं। भारत में 573 स्वालोटेल प्रजातियों में से 77 पाई जाती हैं। कुछ स्वालोटेल प्रजातियाँ संरक्षित तितलियों के रंग और पैटर्न की नकल करती हैं। अवैध पशुपालन, कृषि, चाय की खेती, वृक्षों की कटाई और कीटनाशक के उपयोग जैसी गतिविधियाँ इनके लिए खतरा हैं। तितलियाँ महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संकेतक होती हैं, जिनके स्वास्थ्य से पारिस्थितिकी तंत्र का स्वास्थ्य और विविधता परिलक्षित होती है।