Correct Answer:
Option D - ‘स्तुत्य:’ पद में क्यप् प्रत्यय है। क्यप् (य) कुछ ही धातुओं में लगता है। इसके पूर्व यदि धातु का अन्तिम स्वर ह्रस्व हो तो उसके उपरान्त अर्थात् धातु और प्रत्यय के बीच में त् आ जाता है जैसे–स्तु + क्यप् = स्तु + त् + य = स्तुत्य
D. ‘स्तुत्य:’ पद में क्यप् प्रत्यय है। क्यप् (य) कुछ ही धातुओं में लगता है। इसके पूर्व यदि धातु का अन्तिम स्वर ह्रस्व हो तो उसके उपरान्त अर्थात् धातु और प्रत्यय के बीच में त् आ जाता है जैसे–स्तु + क्यप् = स्तु + त् + य = स्तुत्य