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Q: ‘घनश्याम:’ में कौन सा समास है?
  • A. कर्मधारय
  • B. अव्ययीभाव
  • C. द्विगु
  • D. द्वन्द्व
Correct Answer: Option A - जहाँ पर एक पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य है। वहां कर्मधारय समास होता है। जैसे घन इव श्याम = घनश्याम। यहाँ पर घन तथा श्याम विशेषण विशेष्य है। घनश्याम में उपमित कर्मधारय है। इसका सूत्र है – उपमानानि सामान्य वचनै: अर्थात् उपमा अलंकार को समास रूप में प्रकट करने के लिए इसका प्रयोग होता है। उपमेय एवं उपमान दोनों ही इस समास में मिलकर आते हैं। अव्ययीभाव समास में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है तथा द्विगु समास में प्रथम पद संख्यावाची होता है जबकि द्वन्द्व समास दोनों ही पद प्रधान होते हैं।
A. जहाँ पर एक पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य है। वहां कर्मधारय समास होता है। जैसे घन इव श्याम = घनश्याम। यहाँ पर घन तथा श्याम विशेषण विशेष्य है। घनश्याम में उपमित कर्मधारय है। इसका सूत्र है – उपमानानि सामान्य वचनै: अर्थात् उपमा अलंकार को समास रूप में प्रकट करने के लिए इसका प्रयोग होता है। उपमेय एवं उपमान दोनों ही इस समास में मिलकर आते हैं। अव्ययीभाव समास में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है तथा द्विगु समास में प्रथम पद संख्यावाची होता है जबकि द्वन्द्व समास दोनों ही पद प्रधान होते हैं।

Explanations:

जहाँ पर एक पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य है। वहां कर्मधारय समास होता है। जैसे घन इव श्याम = घनश्याम। यहाँ पर घन तथा श्याम विशेषण विशेष्य है। घनश्याम में उपमित कर्मधारय है। इसका सूत्र है – उपमानानि सामान्य वचनै: अर्थात् उपमा अलंकार को समास रूप में प्रकट करने के लिए इसका प्रयोग होता है। उपमेय एवं उपमान दोनों ही इस समास में मिलकर आते हैं। अव्ययीभाव समास में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है तथा द्विगु समास में प्रथम पद संख्यावाची होता है जबकि द्वन्द्व समास दोनों ही पद प्रधान होते हैं।