Correct Answer:
Option B - पत्तियो के जलरन्ध्रों द्वारा
● जब मृदा में पर्याप्त जल की मात्रा हो परन्तु वाष्पोत्सर्जन न हो सकता हो तो धनात्मक मूल दाब के कारण जल बिन्दुओ के रूप में पत्तियों के किनारो पर जलरन्ध (hydathode or wafer stomata) के मार्ग से जल का स्त्रावण बिन्दु स्रावण कहलाता है।
B. पत्तियो के जलरन्ध्रों द्वारा
● जब मृदा में पर्याप्त जल की मात्रा हो परन्तु वाष्पोत्सर्जन न हो सकता हो तो धनात्मक मूल दाब के कारण जल बिन्दुओ के रूप में पत्तियों के किनारो पर जलरन्ध (hydathode or wafer stomata) के मार्ग से जल का स्त्रावण बिन्दु स्रावण कहलाता है।