Correct Answer:
Option B - घोड़ाखाल स्थित गोलू मंदिर का निर्माण ‘लक्ष्मी चंद’ ने कराया था। मंदिर में चारों ओर टंगी घंटियों के कारण इसे ‘घंटियों के मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि यहाँ चिठ्ठियाँ टांगने से मनोकामना पूरी होती है। गोलू देवता लोगो को तुरन्त न्याय दिलाने के लिये भी प्रसिद्ध है इसलिये इन्हे न्याय देवता भी कहते है।
B. घोड़ाखाल स्थित गोलू मंदिर का निर्माण ‘लक्ष्मी चंद’ ने कराया था। मंदिर में चारों ओर टंगी घंटियों के कारण इसे ‘घंटियों के मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि यहाँ चिठ्ठियाँ टांगने से मनोकामना पूरी होती है। गोलू देवता लोगो को तुरन्त न्याय दिलाने के लिये भी प्रसिद्ध है इसलिये इन्हे न्याय देवता भी कहते है।