Explanations:
जहाँ पर एक पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य है। वहां कर्मधारय समास होता है। जैसे घन इव श्याम = घनश्याम। यहाँ पर घन तथा श्याम विशेषण विशेष्य है। घनश्याम में उपमित कर्मधारय है। इसका सूत्र है – उपमानानि सामान्य वचनै: अर्थात् उपमा अलंकार को समास रूप में प्रकट करने के लिए इसका प्रयोग होता है। उपमेय एवं उपमान दोनों ही इस समास में मिलकर आते हैं। अव्ययीभाव समास में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है तथा द्विगु समास में प्रथम पद संख्यावाची होता है जबकि द्वन्द्व समास दोनों ही पद प्रधान होते हैं।