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Q: Generally the time-span of the Kumbh-Mela in Hardwar, is considered to be/आमतौर से, हरिद्वार में वुंâभ मेले का समयावधि मानी जाती है :
  • A. Basant Panchmi to Ganga Dushera बसंतपंचमी से गंगा दशहरा तक
  • B. Makarsankranti to Vaishakhi मकरसंक्रांति से वैशाखी तक
  • C. Mahashivratri to Ganga Dushera महाशिवरात्रि से गंगा दशहरा तक
  • D. Maghpurnima to Akshaya Tritiya माघ पूर्णिमा से अक्षय तृतीया तक
Correct Answer: Option B - हरिद्वार में वुंâभ मेले की समायावधि मकर संक्रान्ति से वैशाखी तक मानी जाती है। हरिद्वार एक पवित्र नगर है जोकि नगर निगम बोर्ड से नियंत्रित है। उज्जैन, हरिद्वार, नासिक तथा प्रयाग इन चारों स्थानों पर प्रत्येक 12 वर्ष के पश्चात बारी-बारी से महाकुम्भ का आयोजन होता है।
B. हरिद्वार में वुंâभ मेले की समायावधि मकर संक्रान्ति से वैशाखी तक मानी जाती है। हरिद्वार एक पवित्र नगर है जोकि नगर निगम बोर्ड से नियंत्रित है। उज्जैन, हरिद्वार, नासिक तथा प्रयाग इन चारों स्थानों पर प्रत्येक 12 वर्ष के पश्चात बारी-बारी से महाकुम्भ का आयोजन होता है।

Explanations:

हरिद्वार में वुंâभ मेले की समायावधि मकर संक्रान्ति से वैशाखी तक मानी जाती है। हरिद्वार एक पवित्र नगर है जोकि नगर निगम बोर्ड से नियंत्रित है। उज्जैन, हरिद्वार, नासिक तथा प्रयाग इन चारों स्थानों पर प्रत्येक 12 वर्ष के पश्चात बारी-बारी से महाकुम्भ का आयोजन होता है।