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Q: ग्रीष्म के अंत में पूर्व-मानसून वर्षा होती है जो केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में एक सामान्य घटना है। इसे स्थानीय रूप से किस नाम से जाना जाता है?
  • A. मैंगो शावर्स
  • B. ब्लॉसम शावर्स
  • C. नॉरवेस्टर्स
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - ग्रीष्म के अंत में होने वाली पूर्व मानसून वर्षा केरल व कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में मैंगो शावर्स (आम्र वर्षा) के नाम से जानी जाती है। असम में इसे ‘चाय वर्षा’, बंगाल में ‘काल वैशाखी’ कर्नाटक मेें ‘काफी वर्षा’ एवं ‘चेरी ब्लॉसम वर्षा’ कहा जाता है।
A. ग्रीष्म के अंत में होने वाली पूर्व मानसून वर्षा केरल व कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में मैंगो शावर्स (आम्र वर्षा) के नाम से जानी जाती है। असम में इसे ‘चाय वर्षा’, बंगाल में ‘काल वैशाखी’ कर्नाटक मेें ‘काफी वर्षा’ एवं ‘चेरी ब्लॉसम वर्षा’ कहा जाता है।

Explanations:

ग्रीष्म के अंत में होने वाली पूर्व मानसून वर्षा केरल व कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में मैंगो शावर्स (आम्र वर्षा) के नाम से जानी जाती है। असम में इसे ‘चाय वर्षा’, बंगाल में ‘काल वैशाखी’ कर्नाटक मेें ‘काफी वर्षा’ एवं ‘चेरी ब्लॉसम वर्षा’ कहा जाता है।