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Q: ‘‘ग्रामस्य निकटं गहनवनमस्ति, तत्र निवसन्ति ते लुण्ठका:।’’ अस्मिन् वाक्ये प्रवृत्तं सूत्रमस्ति–
  • A. षष्ठी शेषे।
  • B. षष्ठी हेतुप्रयोगे।
  • C. षष्ठ्यतसर्थप्रत्ययेन।
  • D. दूरान्तिकार्थै: षष्ठ्यन्तरस्याम्।
Correct Answer: Option D - ‘‘ग्रामस्य निकटं गहनवनमस्ति, तत्र निवसन्ति ते लुण्ठका:।’’ अस्मिन् वाक्ये प्रवृत्तं सूत्रं ‘दूरान्तिकार्थै: षष्ठ्यन्तरस्याम्’ अस्ति। अर्थात् दूर तथा अन्तिक अर्थ वाले शब्दों के योग में विकल्प से षष्ठी विभक्ति होती है। पक्ष में पञ्चमी विभक्ति होती है। जैसे– दूरं निकटं ग्रामस्य ग्रामाद् वा।
D. ‘‘ग्रामस्य निकटं गहनवनमस्ति, तत्र निवसन्ति ते लुण्ठका:।’’ अस्मिन् वाक्ये प्रवृत्तं सूत्रं ‘दूरान्तिकार्थै: षष्ठ्यन्तरस्याम्’ अस्ति। अर्थात् दूर तथा अन्तिक अर्थ वाले शब्दों के योग में विकल्प से षष्ठी विभक्ति होती है। पक्ष में पञ्चमी विभक्ति होती है। जैसे– दूरं निकटं ग्रामस्य ग्रामाद् वा।

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‘‘ग्रामस्य निकटं गहनवनमस्ति, तत्र निवसन्ति ते लुण्ठका:।’’ अस्मिन् वाक्ये प्रवृत्तं सूत्रं ‘दूरान्तिकार्थै: षष्ठ्यन्तरस्याम्’ अस्ति। अर्थात् दूर तथा अन्तिक अर्थ वाले शब्दों के योग में विकल्प से षष्ठी विभक्ति होती है। पक्ष में पञ्चमी विभक्ति होती है। जैसे– दूरं निकटं ग्रामस्य ग्रामाद् वा।