Correct Answer:
Option A - कुट्टयता या आघातवर्ध्यता के गुण के कारण पदार्थ के बिना टूटे (Without rupture) हथौडों की चोट या रोलिंग द्वारा पतली–पतली शीटों में परिवर्तित किया जा सकता है। ताप क्रम बढ़ने पर कुट्टयता में वृद्धि होती है। सोना सबसे अधिक आघातवर्ध्यक होता है।
A. कुट्टयता या आघातवर्ध्यता के गुण के कारण पदार्थ के बिना टूटे (Without rupture) हथौडों की चोट या रोलिंग द्वारा पतली–पतली शीटों में परिवर्तित किया जा सकता है। ताप क्रम बढ़ने पर कुट्टयता में वृद्धि होती है। सोना सबसे अधिक आघातवर्ध्यक होता है।