search
Q: गौरी सोवै सेज पर, मुख पर डारै केस। चल खुसरो घर आपने, रैन भाई चहुँ देस। उपर्युक्त दोहा अमीर खुसरो ने किस संदर्भ में कहा था?
  • A. संपत्ति के लूटे जाने पर
  • B. ह़जरत नि़जामुद्दीन औलिया की मृत्यु पर
  • C. अपने आश्रयदाता के नाराज होने पर
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - उपर्युक्त दोहा अमीर खुसरों ने ह़जरत नि़जामुद्दीन औलिया की मृत्यु पर कहा था। • अमीर खुसरों का वास्तविक नाम अबुल हसन था ये नि़जामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। अमीर खुसरों ने दिल्ली के सिंहासन पर 11 राजाओं का आरोहण देखा था। अमीर खुसरों की महत्वपूर्ण रचनाएँ:- 1. खालिक बारी 2. पहेलियाँ 3. मुकरिया 4. दो सुखने 5. गजल इत्यादि। अमीर खुसरों की पहेलियां और मुकरियों में ‘उक्ति वैचित्र्य’ की प्रधानता है।
B. उपर्युक्त दोहा अमीर खुसरों ने ह़जरत नि़जामुद्दीन औलिया की मृत्यु पर कहा था। • अमीर खुसरों का वास्तविक नाम अबुल हसन था ये नि़जामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। अमीर खुसरों ने दिल्ली के सिंहासन पर 11 राजाओं का आरोहण देखा था। अमीर खुसरों की महत्वपूर्ण रचनाएँ:- 1. खालिक बारी 2. पहेलियाँ 3. मुकरिया 4. दो सुखने 5. गजल इत्यादि। अमीर खुसरों की पहेलियां और मुकरियों में ‘उक्ति वैचित्र्य’ की प्रधानता है।

Explanations:

उपर्युक्त दोहा अमीर खुसरों ने ह़जरत नि़जामुद्दीन औलिया की मृत्यु पर कहा था। • अमीर खुसरों का वास्तविक नाम अबुल हसन था ये नि़जामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। अमीर खुसरों ने दिल्ली के सिंहासन पर 11 राजाओं का आरोहण देखा था। अमीर खुसरों की महत्वपूर्ण रचनाएँ:- 1. खालिक बारी 2. पहेलियाँ 3. मुकरिया 4. दो सुखने 5. गजल इत्यादि। अमीर खुसरों की पहेलियां और मुकरियों में ‘उक्ति वैचित्र्य’ की प्रधानता है।