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Q: गुणाढ्य का/की----पैशाची भाषा में लिखित है।
  • A. मृच्छकटिकम
  • B. पंचतंत्र
  • C. कथासरित्सागर
  • D. बृहत्कथा
Correct Answer: Option D - प्राचीन साहित्य के कथाकारों में गुणाढ्य बहुत प्रसिद्ध है। वह सातवाहन नरेश ‘हाल’ के दरबार में निवास करता था। इन्होंने ही पैशाची भाषा में ‘बृहत्कथा’ की रचना की थी। मृच्छकटिकम के लेखक शूद्रक है यह संस्कृत भाषा में लिखित नाट्य साहित्य है। पंचतंत्र के लेखक विष्णुशर्मा तथा कथासरित्सागर के लेखक महाकवि सोमदेव भट्ट हैं।
D. प्राचीन साहित्य के कथाकारों में गुणाढ्य बहुत प्रसिद्ध है। वह सातवाहन नरेश ‘हाल’ के दरबार में निवास करता था। इन्होंने ही पैशाची भाषा में ‘बृहत्कथा’ की रचना की थी। मृच्छकटिकम के लेखक शूद्रक है यह संस्कृत भाषा में लिखित नाट्य साहित्य है। पंचतंत्र के लेखक विष्णुशर्मा तथा कथासरित्सागर के लेखक महाकवि सोमदेव भट्ट हैं।

Explanations:

प्राचीन साहित्य के कथाकारों में गुणाढ्य बहुत प्रसिद्ध है। वह सातवाहन नरेश ‘हाल’ के दरबार में निवास करता था। इन्होंने ही पैशाची भाषा में ‘बृहत्कथा’ की रचना की थी। मृच्छकटिकम के लेखक शूद्रक है यह संस्कृत भाषा में लिखित नाट्य साहित्य है। पंचतंत्र के लेखक विष्णुशर्मा तथा कथासरित्सागर के लेखक महाकवि सोमदेव भट्ट हैं।