Q: `गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गम न च वय: उक्ति किससे सम्बन्धित है?
A.
अभिज्ञानशाकुन्तलम्
B.
वेणीसंहार
C.
उत्तररामचरितम्
D.
विक्रमोर्वशीयम्
Correct Answer:
Option C - `गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गम् न च वय:' उक्ति `उत्तररामचरितम्' नाटक के चतुर्थ अङ्क के 11वें श्लोक से लिया गया है। `उत्तररामचरितम्' महाकवि भवभूति द्वारा रचित है।
C. `गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गम् न च वय:' उक्ति `उत्तररामचरितम्' नाटक के चतुर्थ अङ्क के 11वें श्लोक से लिया गया है। `उत्तररामचरितम्' महाकवि भवभूति द्वारा रचित है।
Explanations:
`गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गम् न च वय:' उक्ति `उत्तररामचरितम्' नाटक के चतुर्थ अङ्क के 11वें श्लोक से लिया गया है। `उत्तररामचरितम्' महाकवि भवभूति द्वारा रचित है।
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