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Q: गंगा के ऊपरी मैदान की दक्षिणी सीमा रेखा का निर्धारण करती है/हैं
  • A. विन्ध्यन पहाड़ियाँ
  • B. गंगा नदी
  • C. यमुना नदी
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - गंगा के ऊपरी मैदान की दक्षिणी सीमा रेखा का निर्धारण यमुना नदी द्वारा किया जाता है। यह क्षेत्र यमुना नदी द्वारा पश्चिम एवं दक्षिण में, शिवालिक पहाडि़यों द्वारा उत्तर में तथा 100 मी. की समोच्च रेखा (इलाहाबाद-फ़ैज़ाबाद रेल लाइन) द्वारा पूरब में सीमांकित है। इसका कुल क्षेत्रफल 1,49,029 वर्ग किमी. है जो उत्तर प्रदेश के क्षेत्रफल का लगभग 63 प्रतिशत है। सूक्ष्म स्तरीय स्थलाकृतिक विशेषताओं के आधार पर ऊपरी गंगा मैदान को तीन सूक्ष्म स्तरीय इकाइयों-(i) गंगा-यमुना द्वाब, (ii) रुहेलखण्ड मैदान एवं (iii) अवध मैदान में बाँटा जा सकता है।
C. गंगा के ऊपरी मैदान की दक्षिणी सीमा रेखा का निर्धारण यमुना नदी द्वारा किया जाता है। यह क्षेत्र यमुना नदी द्वारा पश्चिम एवं दक्षिण में, शिवालिक पहाडि़यों द्वारा उत्तर में तथा 100 मी. की समोच्च रेखा (इलाहाबाद-फ़ैज़ाबाद रेल लाइन) द्वारा पूरब में सीमांकित है। इसका कुल क्षेत्रफल 1,49,029 वर्ग किमी. है जो उत्तर प्रदेश के क्षेत्रफल का लगभग 63 प्रतिशत है। सूक्ष्म स्तरीय स्थलाकृतिक विशेषताओं के आधार पर ऊपरी गंगा मैदान को तीन सूक्ष्म स्तरीय इकाइयों-(i) गंगा-यमुना द्वाब, (ii) रुहेलखण्ड मैदान एवं (iii) अवध मैदान में बाँटा जा सकता है।

Explanations:

गंगा के ऊपरी मैदान की दक्षिणी सीमा रेखा का निर्धारण यमुना नदी द्वारा किया जाता है। यह क्षेत्र यमुना नदी द्वारा पश्चिम एवं दक्षिण में, शिवालिक पहाडि़यों द्वारा उत्तर में तथा 100 मी. की समोच्च रेखा (इलाहाबाद-फ़ैज़ाबाद रेल लाइन) द्वारा पूरब में सीमांकित है। इसका कुल क्षेत्रफल 1,49,029 वर्ग किमी. है जो उत्तर प्रदेश के क्षेत्रफल का लगभग 63 प्रतिशत है। सूक्ष्म स्तरीय स्थलाकृतिक विशेषताओं के आधार पर ऊपरी गंगा मैदान को तीन सूक्ष्म स्तरीय इकाइयों-(i) गंगा-यमुना द्वाब, (ii) रुहेलखण्ड मैदान एवं (iii) अवध मैदान में बाँटा जा सकता है।