Correct Answer:
Option D - दक्षिण अफ्रिका से 12 चीते भारत लाये गये
संदर्भ- 18 फरवरी, 2023 को भारत के चीता पुनर्वास योजना के अंतर्गत दक्षिण अफ्रिका से 12 चीते भारत पहुँचे जिन्हें मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय पार्क में छोड़ा गया।
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य-
• ध्यातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर, 2022 को अपने जन्मदिवस के अवसर पर नामीबिया से लाये गये 8 चीतों को मध्य प्रदेश के कुनों राष्ट्रीय उद्यान में मुक्त किया था।
• पहले चरण में नामीबिया से लाये गये 8 चीतों (5 नर, 3 मादा) में से एक मादा चीता ‘साशा’ की किडनी खराब होने के कारण 27 मार्च, 2023 को मौत हो गई। जबकि 29 मार्च, 2023 को एक मादा चीता ‘सिमाया’ ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 4 शावकों (cubs) को जन्म दिया।
• फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रिका से लाये गये 12 चीतों मेें से एक नर चीता ‘उदय’ की 24 अप्रैल, 2023 की मौत हो गई।
विशेष-
उल्लेखनीय है कि भारत से वर्ष 1952 में चीता को विलुप्त घोषित किया गया था।
D. दक्षिण अफ्रिका से 12 चीते भारत लाये गये
संदर्भ- 18 फरवरी, 2023 को भारत के चीता पुनर्वास योजना के अंतर्गत दक्षिण अफ्रिका से 12 चीते भारत पहुँचे जिन्हें मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय पार्क में छोड़ा गया।
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य-
• ध्यातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर, 2022 को अपने जन्मदिवस के अवसर पर नामीबिया से लाये गये 8 चीतों को मध्य प्रदेश के कुनों राष्ट्रीय उद्यान में मुक्त किया था।
• पहले चरण में नामीबिया से लाये गये 8 चीतों (5 नर, 3 मादा) में से एक मादा चीता ‘साशा’ की किडनी खराब होने के कारण 27 मार्च, 2023 को मौत हो गई। जबकि 29 मार्च, 2023 को एक मादा चीता ‘सिमाया’ ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 4 शावकों (cubs) को जन्म दिया।
• फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रिका से लाये गये 12 चीतों मेें से एक नर चीता ‘उदय’ की 24 अप्रैल, 2023 की मौत हो गई।
विशेष-
उल्लेखनीय है कि भारत से वर्ष 1952 में चीता को विलुप्त घोषित किया गया था।