Correct Answer:
Option D - दैनिक जीवन में हमें केशिकत्व के अनेक उदाहरण मिलते हैं - सोख्ते द्वारा स्याही का सोखा जाना, सूती कपड़े पर जल की बूँद का फैलना, लालटेन एवं दीये की बत्ती में तेल का चढ़ना। पौधों की जड़ों से जल के इसके पर्णसमूह की ओर बढ़ने के लिए केशिकत्व के अतिरिक्त प्रस्वेदन, ससंजन इत्यादि क्रियाएँ भी उत्तरदायी होती हैं।
D. दैनिक जीवन में हमें केशिकत्व के अनेक उदाहरण मिलते हैं - सोख्ते द्वारा स्याही का सोखा जाना, सूती कपड़े पर जल की बूँद का फैलना, लालटेन एवं दीये की बत्ती में तेल का चढ़ना। पौधों की जड़ों से जल के इसके पर्णसमूह की ओर बढ़ने के लिए केशिकत्व के अतिरिक्त प्रस्वेदन, ससंजन इत्यादि क्रियाएँ भी उत्तरदायी होती हैं।