Correct Answer:
Option C - पर्लिन (purlin):- यह सतत प्रकार का धरन होता है, जो एक कैंची को दूसरी कैंची से जकड़ने के लिये तथा आवरण-चादरों को सहारा देने के लिये, मुख्य राफ्टर के ऊपर, इसकी आड़ी दिशा में लगाया जाता हैं। पर्लिन कैंची के रिज के समानान्तर होते है।
सामान्यता: पर्लिन की आपसी दूरी 1.50 मी. से 3.0 मी. रखी जाती है।
C. पर्लिन (purlin):- यह सतत प्रकार का धरन होता है, जो एक कैंची को दूसरी कैंची से जकड़ने के लिये तथा आवरण-चादरों को सहारा देने के लिये, मुख्य राफ्टर के ऊपर, इसकी आड़ी दिशा में लगाया जाता हैं। पर्लिन कैंची के रिज के समानान्तर होते है।
सामान्यता: पर्लिन की आपसी दूरी 1.50 मी. से 3.0 मी. रखी जाती है।