Explanations:
प्रथम श्रेणी की ईंट में निम्न विशेषताएँ होना चाहिए- 1. इसकी सतह पर नाखून से खुरचने पर कोई निशान नहीं बनने चाहिए। 2. दो ईंटो को आपस में टकराने पर धात्विक ध्वनि उत्पन्न होनी चाहिए। 3. प्रथम श्रेणी की ईंट की सम्पीडन सामथ्र्य 105 किग्रा/सेमी2 से कम नहीं होना चाहिए। 4. प्रथम श्रेणी की ईंट को 1.5 मी. की ऊँचाई से गिराने पर यह टूटनी नहीं चाहिए। 5. प्रथम श्रेणी की ईंट को 24 घण्टे तक ठण्डे पानी में डुबोये रखने के बाद यह अपने भार का 12 से 15 प्रतिशत से अधिक पानी का अवशोषण नहीं करना चाहिए। 6. प्रथम श्रेणी की ईंट लोना या उत्त्फुल्लन से पूर्णत: मुक्त होनी चाहिए। 7. ईंट का भार 2.75 से 3 किग्रा के मध्य होना चाहिए। 8. ईंट का रंग विशेष रूप से लाल होना चाहिए। उपयोग : ये ईंटे सभी स्थायी इंजीनियरिंग कार्यों तथा भवनों के लिए, विशेष तौर पर जहां दीवारों पर प्लास्टर न करना हो तथा पेवमेन्ट एवं भार वहन वाली दीवारों इत्यादि में उपयोग की जाती है।