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Q: Examine the following statements and select the correct answer using the code given below: निम्नलिखित कथनों की जांच कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए: (1) The Soluthern Oscillation is closely linked with Walker Circulation./दक्षिणी दोलन का वाकर परिचालन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। (2) Gilbert Walker was Head of the Indian Meteorological Service./गिल्बर्ट वाकर भारतीय मौसम विज्ञान सेवा के अध्यक्ष थे। (3) The positive index of Southern Oscillation/ दक्षिणी दोलन का सकारात्मक सूचकांक निर्बल व्यापारिक पवनों का सूचक है। (4) The negative index of Southern Oscillation indicates high pressure over Indian Ocean and low pressure over East Pacific Ocean./दक्षिणी दोलन का नकारात्मक सूचकांक हिन्द महासागर में उच्च दाब एवं पूर्वी प्रशान्त महासागर में निम्न दाब इंगित करता है। Codes/कूट :
  • A. 1, 2 and 3 are correct/1, 2 और 3 सही हैं
  • B. 2, 3 and 4 are correct/2, 3 और 4 सही हैं
  • C. 1, 2 and 4 are correct/1, 2 और 4 सही हैं
  • D. 1, 2, 3 and 4 are correct/1, 2, 3 और 4 सही हैं
Correct Answer: Option C - दक्षिणी दोलन का वॉकर परिचालन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। दक्षिणी दोलन की तीव्रता की माप ताहिती (मध्य प्रशान्त) एवं डार्विन (उ. ऑस्ट्रेलिया) के बीच वायुदाब के अन्तर से की जाती है। धनात्मक वायुदाब से हिन्द महासागर के क्षेत्र में जाड़े में वायुदाब कम और प्रशान्त महासागरीय क्षेत्र में अधिक रहता है। इससे मानसून सामान्य हो जाता है तथा ऋणात्मक मान के दौरान हिन्द महासागर क्षेत्र में जाड़े में वायुदाब अधिक पाया जाता है इससे मानसून कमजोर हो जाता है। इस दोलन की जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान सेवा के महानिदेशक सर गिल्बर्ट वॉकर द्वारा 1924 ई. में दी गयी।
C. दक्षिणी दोलन का वॉकर परिचालन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। दक्षिणी दोलन की तीव्रता की माप ताहिती (मध्य प्रशान्त) एवं डार्विन (उ. ऑस्ट्रेलिया) के बीच वायुदाब के अन्तर से की जाती है। धनात्मक वायुदाब से हिन्द महासागर के क्षेत्र में जाड़े में वायुदाब कम और प्रशान्त महासागरीय क्षेत्र में अधिक रहता है। इससे मानसून सामान्य हो जाता है तथा ऋणात्मक मान के दौरान हिन्द महासागर क्षेत्र में जाड़े में वायुदाब अधिक पाया जाता है इससे मानसून कमजोर हो जाता है। इस दोलन की जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान सेवा के महानिदेशक सर गिल्बर्ट वॉकर द्वारा 1924 ई. में दी गयी।

Explanations:

दक्षिणी दोलन का वॉकर परिचालन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। दक्षिणी दोलन की तीव्रता की माप ताहिती (मध्य प्रशान्त) एवं डार्विन (उ. ऑस्ट्रेलिया) के बीच वायुदाब के अन्तर से की जाती है। धनात्मक वायुदाब से हिन्द महासागर के क्षेत्र में जाड़े में वायुदाब कम और प्रशान्त महासागरीय क्षेत्र में अधिक रहता है। इससे मानसून सामान्य हो जाता है तथा ऋणात्मक मान के दौरान हिन्द महासागर क्षेत्र में जाड़े में वायुदाब अधिक पाया जाता है इससे मानसून कमजोर हो जाता है। इस दोलन की जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान सेवा के महानिदेशक सर गिल्बर्ट वॉकर द्वारा 1924 ई. में दी गयी।