Correct Answer:
Option A - साम्यवस्था ऐंठन निम्न में होता है–
(i) ढाँचे का कोर धरन
(ii) वितान धरन
(iii) वक्राकार धरन
■ साम्यवस्था ऐंठन- साम्यवस्था ऐंठन उस स्थिति को संदर्भित करता है। जिसमें संरचनात्मक अवयव पर कार्यरत ऐंठन बल संतुलित रहता है, जिसके परिणामस्वरूप कोई शुद्ध बलाघूर्ण या ऐंठन आघूर्ण नहीं होता है। इस अवस्था में, ऐंठन बलों के कारण अवयव में कोई और विकृति नहीं होगी।
A. साम्यवस्था ऐंठन निम्न में होता है–
(i) ढाँचे का कोर धरन
(ii) वितान धरन
(iii) वक्राकार धरन
■ साम्यवस्था ऐंठन- साम्यवस्था ऐंठन उस स्थिति को संदर्भित करता है। जिसमें संरचनात्मक अवयव पर कार्यरत ऐंठन बल संतुलित रहता है, जिसके परिणामस्वरूप कोई शुद्ध बलाघूर्ण या ऐंठन आघूर्ण नहीं होता है। इस अवस्था में, ऐंठन बलों के कारण अवयव में कोई और विकृति नहीं होगी।