Correct Answer:
Option D - परजीवी अमीबा – श्रेणी एण्ट अमीबा इनकी तीन जातियाँ होती है।
एण्टअमीबा हिस्टोलिटिका – पेन्सिस (आंत में)
एण्टअमीबा जिन्जिवैथ्लस – पायरिया (दांतों में)
एण्टअमीबा कोलाइ – आंत का परजीवी।
खोज– लैम्बल/लोगजनकता का पता लगाया लाँश (Losh) ने
एण्टअमीबा हिस्टोलिटिका से आमातिसार (पेचिस) या अमीबियाससिस नामक रोग होता है। परासरण नियंत्रण न होने के कारण इसमें संकुचन शील रिक्तिका (Contractile vaucole) नहीं पायी जाती है। इसकी चतुष्ककेन्द्रीय अवस्था संक्रामक होती है
D. परजीवी अमीबा – श्रेणी एण्ट अमीबा इनकी तीन जातियाँ होती है।
एण्टअमीबा हिस्टोलिटिका – पेन्सिस (आंत में)
एण्टअमीबा जिन्जिवैथ्लस – पायरिया (दांतों में)
एण्टअमीबा कोलाइ – आंत का परजीवी।
खोज– लैम्बल/लोगजनकता का पता लगाया लाँश (Losh) ने
एण्टअमीबा हिस्टोलिटिका से आमातिसार (पेचिस) या अमीबियाससिस नामक रोग होता है। परासरण नियंत्रण न होने के कारण इसमें संकुचन शील रिक्तिका (Contractile vaucole) नहीं पायी जाती है। इसकी चतुष्ककेन्द्रीय अवस्था संक्रामक होती है