Correct Answer:
Option C - शीतल जल में इस बात का भय बना रहता है कि कहीं शीतलक जल जम न जाए। इसके परिणाम स्वरूप समूची प्रणाली को क्षति पहुँच सकती है तथा चरम हालांतों में रेडिएटर कोर और सिलेण्डर जैकेट फट सकते है। इसको रोकने के लिए कुछ योगज शीतलक जल में मिलाए जाते हैं, जो इसके हिमांक को कम कर देता है। ऐसे योगजों को जमावरोधी (antifreeze) कहा जाता है तथा ऐसे बने घोल को जमावरोधी मिश्रण कहा जाता है। आजकल एण्टी–फ्रीज साल्युशन के रूप में ग्लिसरीन, एल्कोहल आदि का प्रयोग किया जा रहा है।
C. शीतल जल में इस बात का भय बना रहता है कि कहीं शीतलक जल जम न जाए। इसके परिणाम स्वरूप समूची प्रणाली को क्षति पहुँच सकती है तथा चरम हालांतों में रेडिएटर कोर और सिलेण्डर जैकेट फट सकते है। इसको रोकने के लिए कुछ योगज शीतलक जल में मिलाए जाते हैं, जो इसके हिमांक को कम कर देता है। ऐसे योगजों को जमावरोधी (antifreeze) कहा जाता है तथा ऐसे बने घोल को जमावरोधी मिश्रण कहा जाता है। आजकल एण्टी–फ्रीज साल्युशन के रूप में ग्लिसरीन, एल्कोहल आदि का प्रयोग किया जा रहा है।