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Q: एक उभयलिंगी व्यक्तित्व–
  • A. स्री लक्षणों वाले पुरुषों को संदर्भित करता है
  • B. में आमतौर पर माने गए मर्दाना और स्री गुणों का समायोजन होता है
  • C. में दृढ़ और अहंकारी होने की आदत है
  • D. समाज में प्रचलित रुढि़वादी लिंग भूमिकाओं का पालन करता है।
Correct Answer: Option B - एक उभयलिंगी व्यक्तित्व में आमतौर पर माने गये मर्दाना और स्री गुणों का समायोजन होता है। लंदन की ह्वाइट हैड इंस्टीट्यूट और वहीं की एक अन्य इम्पीरियल कैंसर रिसर्च एण्ड लेबोरेटरी ने अपने शोधों के आधार पर बताया है कि एक शरीर में दो भिन्न लिगों का, उनके बाह्य लक्षणों का साथ-साथ विद्यमान होना शक्य है। इनमें दोनों लक्षण अपना संतुलन समीकरण बराबर भी रख सकते हैं अथवा किसी एक गुण को अधिक प्रभावी रूप से प्रदर्शित भी कर सकते हैं।
B. एक उभयलिंगी व्यक्तित्व में आमतौर पर माने गये मर्दाना और स्री गुणों का समायोजन होता है। लंदन की ह्वाइट हैड इंस्टीट्यूट और वहीं की एक अन्य इम्पीरियल कैंसर रिसर्च एण्ड लेबोरेटरी ने अपने शोधों के आधार पर बताया है कि एक शरीर में दो भिन्न लिगों का, उनके बाह्य लक्षणों का साथ-साथ विद्यमान होना शक्य है। इनमें दोनों लक्षण अपना संतुलन समीकरण बराबर भी रख सकते हैं अथवा किसी एक गुण को अधिक प्रभावी रूप से प्रदर्शित भी कर सकते हैं।

Explanations:

एक उभयलिंगी व्यक्तित्व में आमतौर पर माने गये मर्दाना और स्री गुणों का समायोजन होता है। लंदन की ह्वाइट हैड इंस्टीट्यूट और वहीं की एक अन्य इम्पीरियल कैंसर रिसर्च एण्ड लेबोरेटरी ने अपने शोधों के आधार पर बताया है कि एक शरीर में दो भिन्न लिगों का, उनके बाह्य लक्षणों का साथ-साथ विद्यमान होना शक्य है। इनमें दोनों लक्षण अपना संतुलन समीकरण बराबर भी रख सकते हैं अथवा किसी एक गुण को अधिक प्रभावी रूप से प्रदर्शित भी कर सकते हैं।