Correct Answer:
Option A - एक तीन साल के बच्चे से किसी भी ऐसे विषय पर अच्छी तरह से बातचीत की जा सकती है जो उसके संज्ञानात्मक दायरे के अंदर आता हो। पियाजे के अनुसार तीन वर्ष का बालक पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में होता है। इस अवधि में बच्चा वस्तु सामने उपस्थित न होने पर भी उसकी मानसिक छवि बना लेता है अर्थात वस्तु से संबंधित वाचक या सूचक या शब्द रूप विकसित कर लेते हैं।
A. एक तीन साल के बच्चे से किसी भी ऐसे विषय पर अच्छी तरह से बातचीत की जा सकती है जो उसके संज्ञानात्मक दायरे के अंदर आता हो। पियाजे के अनुसार तीन वर्ष का बालक पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में होता है। इस अवधि में बच्चा वस्तु सामने उपस्थित न होने पर भी उसकी मानसिक छवि बना लेता है अर्थात वस्तु से संबंधित वाचक या सूचक या शब्द रूप विकसित कर लेते हैं।