Correct Answer:
Option A - औपचारिक चरण-कानून और व्यवस्था- यह कोहलवर्ग के सिद्धान्तों की चौथी अवस्था है। इस स्थिति में लोगों के नैतिक विकास की अवस्था सामाजिक आदेश, कानून, न्याय और कर्तव्यों पर आधारित होती है। जैसे किशोर सोचते हैं कि समाज अच्छे से चले इसके लिए कानून के द्वारा बनाये गये दायरे के अंदर ही रहना चाहिए।
A. औपचारिक चरण-कानून और व्यवस्था- यह कोहलवर्ग के सिद्धान्तों की चौथी अवस्था है। इस स्थिति में लोगों के नैतिक विकास की अवस्था सामाजिक आदेश, कानून, न्याय और कर्तव्यों पर आधारित होती है। जैसे किशोर सोचते हैं कि समाज अच्छे से चले इसके लिए कानून के द्वारा बनाये गये दायरे के अंदर ही रहना चाहिए।