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Q: एक शिक्षिका अपनी कक्षा में कहती है, ‘‘सभी प्रकार के प्रदत्त कार्यों (assignments) का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके अत: सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें।’’ वह कोह्लबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?
  • A. औपचारिक चरण- 4 कानून और व्यवस्था
  • B. पर - औपचारिक चरण-5 सामाजिक संविदा
  • C. पूर्व - औपचारिक चरण-1 दण्ड परिवर्जन
  • D. पूर्व - औपचारिक चरण-2 वैयक्तिक और विनियम
Correct Answer: Option A - औपचारिक चरण-कानून और व्यवस्था- यह कोहलवर्ग के सिद्धान्तों की चौथी अवस्था है। इस स्थिति में लोगों के नैतिक विकास की अवस्था सामाजिक आदेश, कानून, न्याय और कर्तव्यों पर आधारित होती है। जैसे किशोर सोचते हैं कि समाज अच्छे से चले इसके लिए कानून के द्वारा बनाये गये दायरे के अंदर ही रहना चाहिए।
A. औपचारिक चरण-कानून और व्यवस्था- यह कोहलवर्ग के सिद्धान्तों की चौथी अवस्था है। इस स्थिति में लोगों के नैतिक विकास की अवस्था सामाजिक आदेश, कानून, न्याय और कर्तव्यों पर आधारित होती है। जैसे किशोर सोचते हैं कि समाज अच्छे से चले इसके लिए कानून के द्वारा बनाये गये दायरे के अंदर ही रहना चाहिए।

Explanations:

औपचारिक चरण-कानून और व्यवस्था- यह कोहलवर्ग के सिद्धान्तों की चौथी अवस्था है। इस स्थिति में लोगों के नैतिक विकास की अवस्था सामाजिक आदेश, कानून, न्याय और कर्तव्यों पर आधारित होती है। जैसे किशोर सोचते हैं कि समाज अच्छे से चले इसके लिए कानून के द्वारा बनाये गये दायरे के अंदर ही रहना चाहिए।