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Q: एक समावेशी कक्षा के लिये, शिक्षकों को, किस प्रकार की तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है?
  • A. व्यावहारिक व सामाजिक संक्रियाओं की सम्पूर्ण भागीदारी
  • B. समस्यागत क्षेत्रों के बालकों से शीघ्र व सतत सम्पर्क
  • C. निदानात्मक व उपचारात्मक प्रक्रियाओं का अधिकतर प्रयोग
  • D. धैर्यशीलता का कम होना
Correct Answer: Option D - समावेशी का तात्पर्य समेंकित रूप से है एवं समावेशी कक्षा का तात्पर्य ऐसी शिक्षा से है जिसमें सभी वर्ग एवं मानसिक स्तर के विद्यार्थी शामिल होते है। इस तरह के कक्षा को चलाने के लिए शिक्षक में धैर्यशीलता, सामाजिकता, समस्या को हल करने की क्षमता आदि का उच्च स्तर होना अति आवश्यक है नहीं तो कक्षा के बालकों का विकास अवरुद्ध हो जाता है।
D. समावेशी का तात्पर्य समेंकित रूप से है एवं समावेशी कक्षा का तात्पर्य ऐसी शिक्षा से है जिसमें सभी वर्ग एवं मानसिक स्तर के विद्यार्थी शामिल होते है। इस तरह के कक्षा को चलाने के लिए शिक्षक में धैर्यशीलता, सामाजिकता, समस्या को हल करने की क्षमता आदि का उच्च स्तर होना अति आवश्यक है नहीं तो कक्षा के बालकों का विकास अवरुद्ध हो जाता है।

Explanations:

समावेशी का तात्पर्य समेंकित रूप से है एवं समावेशी कक्षा का तात्पर्य ऐसी शिक्षा से है जिसमें सभी वर्ग एवं मानसिक स्तर के विद्यार्थी शामिल होते है। इस तरह के कक्षा को चलाने के लिए शिक्षक में धैर्यशीलता, सामाजिकता, समस्या को हल करने की क्षमता आदि का उच्च स्तर होना अति आवश्यक है नहीं तो कक्षा के बालकों का विकास अवरुद्ध हो जाता है।