Correct Answer:
Option B - एक सामाजिक-रचनावादी कक्षा में रट कर सीखने, याद रखने, याद करने के आधार पर अधिगम और दोहराव की अनुमति नहीं हैं। एक सामाजिक रचानावादी कक्षाकक्ष में सीखना/सीखने का स्वरूप सामाजिक होता है। छात्रों को अपने स्वयं के अधिगमक की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, और इसमें उनका अपने चिंतन और अधिगम की प्रक्रियाओं को प्रतिबिंबित करना और भी शामिल होता है। यह शिक्षार्थियों को सामाजिक अन्त: क्रिया के माध्यम से निर्माता और ज्ञान के निर्माता के रूप मे देखती है।
B. एक सामाजिक-रचनावादी कक्षा में रट कर सीखने, याद रखने, याद करने के आधार पर अधिगम और दोहराव की अनुमति नहीं हैं। एक सामाजिक रचानावादी कक्षाकक्ष में सीखना/सीखने का स्वरूप सामाजिक होता है। छात्रों को अपने स्वयं के अधिगमक की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, और इसमें उनका अपने चिंतन और अधिगम की प्रक्रियाओं को प्रतिबिंबित करना और भी शामिल होता है। यह शिक्षार्थियों को सामाजिक अन्त: क्रिया के माध्यम से निर्माता और ज्ञान के निर्माता के रूप मे देखती है।