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Q: एक सिंगल सिलिण्डर इंजन जिसकी क्रैंक के प्रत्येक दो चक्करों में एक पॉवर स्ट्रोक होता है तो कहा जाता है कि वह..... पर कार्य करता है।
  • A. सिंगल-स्ट्रोक साइकिल
  • B. दो-स्ट्रोक साइकिल
  • C. तीन-स्ट्रोक साइकिल
  • D. चार-स्ट्रोक साइकिल
Correct Answer: Option D - सिंगल सिलिण्डर इंजन जिसकी क्रैंक के प्रत्येक दो चक्करों में एक पॉवर स्ट्रोक होता है। तो वह चार–स्ट्रोक साइकिल पर कार्य करता है। इस प्रकार के इंजनों का अधिकतर प्रयोग ऑटोमोबाइल क्षेत्र में किया जाता है। इसमें ईधन (पेट्रोल) जलाने के लिये कार्बुरेटर, इग्नीशन क्वॉयल, स्पार्क प्लग, डिस्ट्रीब्यूटर तथा बैटरी आदि की व्यवस्था करनी आवश्यक होती है।
D. सिंगल सिलिण्डर इंजन जिसकी क्रैंक के प्रत्येक दो चक्करों में एक पॉवर स्ट्रोक होता है। तो वह चार–स्ट्रोक साइकिल पर कार्य करता है। इस प्रकार के इंजनों का अधिकतर प्रयोग ऑटोमोबाइल क्षेत्र में किया जाता है। इसमें ईधन (पेट्रोल) जलाने के लिये कार्बुरेटर, इग्नीशन क्वॉयल, स्पार्क प्लग, डिस्ट्रीब्यूटर तथा बैटरी आदि की व्यवस्था करनी आवश्यक होती है।

Explanations:

सिंगल सिलिण्डर इंजन जिसकी क्रैंक के प्रत्येक दो चक्करों में एक पॉवर स्ट्रोक होता है। तो वह चार–स्ट्रोक साइकिल पर कार्य करता है। इस प्रकार के इंजनों का अधिकतर प्रयोग ऑटोमोबाइल क्षेत्र में किया जाता है। इसमें ईधन (पेट्रोल) जलाने के लिये कार्बुरेटर, इग्नीशन क्वॉयल, स्पार्क प्लग, डिस्ट्रीब्यूटर तथा बैटरी आदि की व्यवस्था करनी आवश्यक होती है।