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Q: एक प्रकाश-तरंग के वायु से शीशे में चलने के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? 1. इसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है। 2. इसकी चाल परिवर्तित हो जाती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: Option C - अपवर्तन की क्रिया में जब प्रकाश-तरंग (किरण) किसी विरल माध्यम (जैसे–वायु) से सघन माध्यम (जैसे–काँच) में प्रवेश करती है, तो उसकी चाल (गति) कम हो जाती है। इसके विपरीत यदि सघन से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी गति बढ़ जाती है, परन्तु प्रकाश किरण की आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है। अत: प्रकाश तरंग के वायु से शीशे में प्रवेश करने पर इसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहेगी, जबकि चाल परिवर्तित हो जायेगी।
C. अपवर्तन की क्रिया में जब प्रकाश-तरंग (किरण) किसी विरल माध्यम (जैसे–वायु) से सघन माध्यम (जैसे–काँच) में प्रवेश करती है, तो उसकी चाल (गति) कम हो जाती है। इसके विपरीत यदि सघन से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी गति बढ़ जाती है, परन्तु प्रकाश किरण की आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है। अत: प्रकाश तरंग के वायु से शीशे में प्रवेश करने पर इसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहेगी, जबकि चाल परिवर्तित हो जायेगी।

Explanations:

अपवर्तन की क्रिया में जब प्रकाश-तरंग (किरण) किसी विरल माध्यम (जैसे–वायु) से सघन माध्यम (जैसे–काँच) में प्रवेश करती है, तो उसकी चाल (गति) कम हो जाती है। इसके विपरीत यदि सघन से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी गति बढ़ जाती है, परन्तु प्रकाश किरण की आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है। अत: प्रकाश तरंग के वायु से शीशे में प्रवेश करने पर इसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहेगी, जबकि चाल परिवर्तित हो जायेगी।