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Q: In the context of sensorimotor stage, which of the following statement is correct? सेंसरिमोटर चरण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? I. In Piaget’s theory, it’s the third stage in cognitive development I पियाजे के सिद्धांत में, यह संज्ञानात्मक विकास की तीसरी अवस्था है II. Infant learn through senses and motor activity II. शिशु इंद्रियों और मोटर गतिविधि के माध्यम से सीखते हैं
  • A. Both I and II/I तथा II दोनों
  • B. Only II/केवल II
  • C. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • D. Only I/केवल I
Correct Answer: Option B - संवेदी पेशीय अवस्था (Sensory motor stage):– जीन पियाजे के विकास सिद्धान्त की पहली अवस्था होती है जो जन्म से लेकर लगभग दो वर्ष की उम्र तक होती है। इस चरण में बच्चा प्रेरक (मोटर) और परिवर्र्ती (रिफ्लेक्स) क्रियाओं के माध्यम से अपने और पर्यावरण के बारे में सीखता है। इसमें विचार इन्द्रिय बोध और हरकत (मोटर गतिविधि) से उत्पन्न होते हैं। जीन पियाजे की संज्ञानात्मक विकास के चार चरण:– 1. संवेदी पेशीय अवस्था (जन्म से 2 वर्ष तक) 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2 वर्ष से 7 वर्ष तक) 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 वर्ष से 11 वर्ष तक) 4. अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से 15 वर्ष तक)
B. संवेदी पेशीय अवस्था (Sensory motor stage):– जीन पियाजे के विकास सिद्धान्त की पहली अवस्था होती है जो जन्म से लेकर लगभग दो वर्ष की उम्र तक होती है। इस चरण में बच्चा प्रेरक (मोटर) और परिवर्र्ती (रिफ्लेक्स) क्रियाओं के माध्यम से अपने और पर्यावरण के बारे में सीखता है। इसमें विचार इन्द्रिय बोध और हरकत (मोटर गतिविधि) से उत्पन्न होते हैं। जीन पियाजे की संज्ञानात्मक विकास के चार चरण:– 1. संवेदी पेशीय अवस्था (जन्म से 2 वर्ष तक) 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2 वर्ष से 7 वर्ष तक) 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 वर्ष से 11 वर्ष तक) 4. अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से 15 वर्ष तक)

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संवेदी पेशीय अवस्था (Sensory motor stage):– जीन पियाजे के विकास सिद्धान्त की पहली अवस्था होती है जो जन्म से लेकर लगभग दो वर्ष की उम्र तक होती है। इस चरण में बच्चा प्रेरक (मोटर) और परिवर्र्ती (रिफ्लेक्स) क्रियाओं के माध्यम से अपने और पर्यावरण के बारे में सीखता है। इसमें विचार इन्द्रिय बोध और हरकत (मोटर गतिविधि) से उत्पन्न होते हैं। जीन पियाजे की संज्ञानात्मक विकास के चार चरण:– 1. संवेदी पेशीय अवस्था (जन्म से 2 वर्ष तक) 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2 वर्ष से 7 वर्ष तक) 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 वर्ष से 11 वर्ष तक) 4. अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से 15 वर्ष तक)