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Q: एक इंजन में.............के कारण लुब्रिकेटिंग ऑयल का प्रैशर कम हो सकता है।
  • A. ऑयल फिल्टर क्लाग होने
  • B. ऑयल सम्प में अधिक तेल भरने
  • C. उच्च विस्कासिटी वाले तेल का प्रयोग करने
  • D. पम्प की गियरों के बीच अत्यधिक बैकलैश होने
Correct Answer: Option D - एक इंजन में पम्प गियरों के बीच अधिक अत्यधिक बैकलैश होने के कारण लुब्रिकेटिंग ऑयल का प्रैशर कम हो सकता है। बैकलैश (backlash)– मिलकर चलने वाले गियर के दो दाँतों के नॉन वर्किंग सतहों के पिच वृत्त के एलांग गैप को बैकलेश कहते हैं। यह इसलिए प्रदान की जाती है, ताकि थर्मल प्रसार के कारण दांतों के बीच गैप कम न हो जाए। यदि यह अत्यधिक हो जाए तो प्रचालन में गड़बड़ी उत्पन्न हो जाएगी।
D. एक इंजन में पम्प गियरों के बीच अधिक अत्यधिक बैकलैश होने के कारण लुब्रिकेटिंग ऑयल का प्रैशर कम हो सकता है। बैकलैश (backlash)– मिलकर चलने वाले गियर के दो दाँतों के नॉन वर्किंग सतहों के पिच वृत्त के एलांग गैप को बैकलेश कहते हैं। यह इसलिए प्रदान की जाती है, ताकि थर्मल प्रसार के कारण दांतों के बीच गैप कम न हो जाए। यदि यह अत्यधिक हो जाए तो प्रचालन में गड़बड़ी उत्पन्न हो जाएगी।

Explanations:

एक इंजन में पम्प गियरों के बीच अधिक अत्यधिक बैकलैश होने के कारण लुब्रिकेटिंग ऑयल का प्रैशर कम हो सकता है। बैकलैश (backlash)– मिलकर चलने वाले गियर के दो दाँतों के नॉन वर्किंग सतहों के पिच वृत्त के एलांग गैप को बैकलेश कहते हैं। यह इसलिए प्रदान की जाती है, ताकि थर्मल प्रसार के कारण दांतों के बीच गैप कम न हो जाए। यदि यह अत्यधिक हो जाए तो प्रचालन में गड़बड़ी उत्पन्न हो जाएगी।