Correct Answer:
Option A - छन्दानुगत शिक्षण प्रणाली पद्य की होती है।
छन्द, रस, अलंकरादि पद्य में समाहित होते हैं। इनके प्रयोग से पद्य की उत्कृष्टता एवं सौन्दर्य में वृद्धि होती है। गद्य काव्य गम्भीर होने के कारण नीरस होता है।
A. छन्दानुगत शिक्षण प्रणाली पद्य की होती है।
छन्द, रस, अलंकरादि पद्य में समाहित होते हैं। इनके प्रयोग से पद्य की उत्कृष्टता एवं सौन्दर्य में वृद्धि होती है। गद्य काव्य गम्भीर होने के कारण नीरस होता है।