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Q: एक बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है तो उसे पकड़ा जाएगा और जेल भेज दिया जाएगा। कोलबर्ग के अनुसार वह बच्चा नैतिक समझ की किस अवस्था के अंतर्गत आता है?
  • A. सामाजिक-क्रम नियंत्रक अभिविन्यास
  • B. दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास
  • C. सार्वभौम नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास
  • D. यंत्रीय उद्देश्य अभिविन्यास
Correct Answer: Option B - यदि कोई बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है तो उसे पकड़ा जायेगा और जेल भेज दिया जायेगा। कोहलबर्ग के अनुसार वह बच्चा नैतिक समझ की दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास के अंतर्गत आता है। दण्ड तथा आज्ञापालन अभिविन्यास के अंतर्गत बालक बड़े व्यक्तियों अथवा अधिकार सम्पन्न व्यक्तियों के द्वारा दिये जाने वाले दण्ड से बचने के प्रति चिंतित रहते हैं। वे नियमों तथा उनको तोड़ने से होने वाले दुष्परिणामों को समझते हैं। किसी कार्य के करने पर होने वाले स्थूल परिणाम उस कार्य को अच्छा या बुरा निर्धारित करते हैं।
B. यदि कोई बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है तो उसे पकड़ा जायेगा और जेल भेज दिया जायेगा। कोहलबर्ग के अनुसार वह बच्चा नैतिक समझ की दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास के अंतर्गत आता है। दण्ड तथा आज्ञापालन अभिविन्यास के अंतर्गत बालक बड़े व्यक्तियों अथवा अधिकार सम्पन्न व्यक्तियों के द्वारा दिये जाने वाले दण्ड से बचने के प्रति चिंतित रहते हैं। वे नियमों तथा उनको तोड़ने से होने वाले दुष्परिणामों को समझते हैं। किसी कार्य के करने पर होने वाले स्थूल परिणाम उस कार्य को अच्छा या बुरा निर्धारित करते हैं।

Explanations:

यदि कोई बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है तो उसे पकड़ा जायेगा और जेल भेज दिया जायेगा। कोहलबर्ग के अनुसार वह बच्चा नैतिक समझ की दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास के अंतर्गत आता है। दण्ड तथा आज्ञापालन अभिविन्यास के अंतर्गत बालक बड़े व्यक्तियों अथवा अधिकार सम्पन्न व्यक्तियों के द्वारा दिये जाने वाले दण्ड से बचने के प्रति चिंतित रहते हैं। वे नियमों तथा उनको तोड़ने से होने वाले दुष्परिणामों को समझते हैं। किसी कार्य के करने पर होने वाले स्थूल परिणाम उस कार्य को अच्छा या बुरा निर्धारित करते हैं।