Correct Answer:
Option D - जॉन लॉक के अनुसार मत देने का अधिकार प्राकृतिक अधिकार नहीं है। उनके समय में प्रजातंत्र एवं सहनशीलता के सिद्धांत राजा के दैवी अधिकारों से टकरा रहे थे। उनके सामाजिक एवं राजनीतिक विचार उनकी प्रख्यात पुस्तक ‘‘टू ट्रीटाइजेज ऑफ गवर्नमेंट’’ (1690) में व्यक्त किए गए हैं। इस प्रकार उनका प्रशासन के सिद्धांतों का विचार आधुनिक प्रजातंत्र की आधारशिला बना हुआ है।
D. जॉन लॉक के अनुसार मत देने का अधिकार प्राकृतिक अधिकार नहीं है। उनके समय में प्रजातंत्र एवं सहनशीलता के सिद्धांत राजा के दैवी अधिकारों से टकरा रहे थे। उनके सामाजिक एवं राजनीतिक विचार उनकी प्रख्यात पुस्तक ‘‘टू ट्रीटाइजेज ऑफ गवर्नमेंट’’ (1690) में व्यक्त किए गए हैं। इस प्रकार उनका प्रशासन के सिद्धांतों का विचार आधुनिक प्रजातंत्र की आधारशिला बना हुआ है।