Correct Answer:
Option C - अकबर का शासन (शुरूआती वर्षों) वास्तव में बैरम खाँ नामक संरक्षक द्वारा चलाया जा रहा था। हुमायूँ के द्वारा बैरम खाँ को खान-ए-खाना (राजाओं का राजा) की उपाधि दी गयी थी। बैरम खाँ ने पानीपत के द्वितीय युद्ध (1556 ई.) में मुगल सेना का नेतृत्व किया था। हुमायूँ की मृत्यु के समय अकबर पंजाब में सिकन्दर सूर को समाप्त करने के प्रयत्न में संलिप्त था। उस समय बैरम खाँ उसके संरक्षक के रूप में कार्य कर रहा था।
C. अकबर का शासन (शुरूआती वर्षों) वास्तव में बैरम खाँ नामक संरक्षक द्वारा चलाया जा रहा था। हुमायूँ के द्वारा बैरम खाँ को खान-ए-खाना (राजाओं का राजा) की उपाधि दी गयी थी। बैरम खाँ ने पानीपत के द्वितीय युद्ध (1556 ई.) में मुगल सेना का नेतृत्व किया था। हुमायूँ की मृत्यु के समय अकबर पंजाब में सिकन्दर सूर को समाप्त करने के प्रयत्न में संलिप्त था। उस समय बैरम खाँ उसके संरक्षक के रूप में कार्य कर रहा था।