Correct Answer:
Option C - प्लास्टर करना (Plastering)–सामान्य चिनाई की सतह रूक्ष (उबढ़-खाबड़) असमान व असुन्दर लगती है। चिनाई पर पदार्थ एवं कारीगरी के दोष भी दिखाई देते है। इसके अतिरिक्त चिनाई के जोड़ों में धूल, मिट्टी जम जाती है व कीटाणु आदि घर बना लेते है। इस सबसे बचने के लिए व संरचना की सजावट में वृद्धि करने के लिए प्लास्टर किया जाता है। प्लास्टर करने की प्रक्रिया प्लास्टरिंग कहलाती है।
ईंट की दीवार पर सीमेंट मोर्टार से प्लास्टर करने के दौरान 1 : 4 का सीमेंट, बालू का अनुपात होता है।
प्लास्टर में मिलावे का अनुपात= 1 : 3 से 1 : 6
दरवाजों में मिलावे के पाखों (jamb) तथा अन्य ऐसे स्थानों जहाँ टूट-फूट की अधिक सम्भावना हो– 1 : 2
आन्तरिक सतहों – 1:6
C. प्लास्टर करना (Plastering)–सामान्य चिनाई की सतह रूक्ष (उबढ़-खाबड़) असमान व असुन्दर लगती है। चिनाई पर पदार्थ एवं कारीगरी के दोष भी दिखाई देते है। इसके अतिरिक्त चिनाई के जोड़ों में धूल, मिट्टी जम जाती है व कीटाणु आदि घर बना लेते है। इस सबसे बचने के लिए व संरचना की सजावट में वृद्धि करने के लिए प्लास्टर किया जाता है। प्लास्टर करने की प्रक्रिया प्लास्टरिंग कहलाती है।
ईंट की दीवार पर सीमेंट मोर्टार से प्लास्टर करने के दौरान 1 : 4 का सीमेंट, बालू का अनुपात होता है।
प्लास्टर में मिलावे का अनुपात= 1 : 3 से 1 : 6
दरवाजों में मिलावे के पाखों (jamb) तथा अन्य ऐसे स्थानों जहाँ टूट-फूट की अधिक सम्भावना हो– 1 : 2
आन्तरिक सतहों – 1:6