Correct Answer:
Option B - किसी मृदा कणों के परस्पर सम्पर्क बिन्दुओं के माध्यम से स्थांतरित होने वाला दाब प्रभावी दाब होता है तथा उससे उत्पन्न प्रतिबल प्रभावी प्रतिबल कहलाता है। प्रभावी प्रतिबल के कारण मृदा का सम्पीडन होता है जिससे उसकी रिक्तता के मान में कमी होती है। किसी मृदा में जलस्तर का मान बढ़ने से रन्ध्र दाब का मान बढ़ता है जिससे प्रभावी प्रतिबल का मान घट जाता है।
प्रभावी प्रतिबल = कुल प्रतिबल – रन्ध्र दाब
B. किसी मृदा कणों के परस्पर सम्पर्क बिन्दुओं के माध्यम से स्थांतरित होने वाला दाब प्रभावी दाब होता है तथा उससे उत्पन्न प्रतिबल प्रभावी प्रतिबल कहलाता है। प्रभावी प्रतिबल के कारण मृदा का सम्पीडन होता है जिससे उसकी रिक्तता के मान में कमी होती है। किसी मृदा में जलस्तर का मान बढ़ने से रन्ध्र दाब का मान बढ़ता है जिससे प्रभावी प्रतिबल का मान घट जाता है।
प्रभावी प्रतिबल = कुल प्रतिबल – रन्ध्र दाब