Correct Answer:
Option A - नमक सत्याग्रह (जिसे सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआती गतिविधि कहा जाता है) अथवा दाण्डी यात्रा गांधी जी द्वारा 1930 में आयोजित किया गया था।
इसके तहत 12 मार्च, 1930 को गांधी जी अपने 79 समर्थकों के साथ साबरमती आश्रम से दाण्डी के लिए मार्च निकाले। 6 अप्रैल, 1930 को दाण्डी (अरब सागर के तट पर) पहुँचकर उन्होंने नमक कानून तोड़ा। यहीं से उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन व्यापक स्वरूप दिया।
A. नमक सत्याग्रह (जिसे सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआती गतिविधि कहा जाता है) अथवा दाण्डी यात्रा गांधी जी द्वारा 1930 में आयोजित किया गया था।
इसके तहत 12 मार्च, 1930 को गांधी जी अपने 79 समर्थकों के साथ साबरमती आश्रम से दाण्डी के लिए मार्च निकाले। 6 अप्रैल, 1930 को दाण्डी (अरब सागर के तट पर) पहुँचकर उन्होंने नमक कानून तोड़ा। यहीं से उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन व्यापक स्वरूप दिया।