Correct Answer:
Option B - सकल व्यास, जोड़ में लगे रिवेट का व्यास होता है। यह रिवेट छिद्र के व्यास के बराबर लिया जाता है। इसे प्रभावी व्यास भी कहते हैं। रिवेट का सकल व्यास, इसके अंकलित व्यास से थोड़ा अधिक होता है क्योंकि रिवेट का छिद्र कुछ बड़ा रखा जाता है ताकि रिवेट उसमें (छिद्र में) सरलता से घुस जाये। जबकि रिवेट का सामान्य व्यास में जोड़ लगाने से पूर्व ठण्डी अवस्था में रिवेट का व्यास है।
B. सकल व्यास, जोड़ में लगे रिवेट का व्यास होता है। यह रिवेट छिद्र के व्यास के बराबर लिया जाता है। इसे प्रभावी व्यास भी कहते हैं। रिवेट का सकल व्यास, इसके अंकलित व्यास से थोड़ा अधिक होता है क्योंकि रिवेट का छिद्र कुछ बड़ा रखा जाता है ताकि रिवेट उसमें (छिद्र में) सरलता से घुस जाये। जबकि रिवेट का सामान्य व्यास में जोड़ लगाने से पूर्व ठण्डी अवस्था में रिवेट का व्यास है।