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Q: Design of a riveted joint assumes that ........... रिवेट जोड़ की अभिकल्पन में यह मान लिया जाता है कि ...........।
  • A. the bending stress in rivets is accounted for रिवेट में नमन प्रतिबल का मान है
  • B. the riveted hole is to be filled by the rivet रिवेट छिद्र रिवेट द्वारा भरा जाएगा
  • C. the stress in the plate is not uniform प्लेट पर प्रतिबल एक समान नहीं होगा
  • D. the friction between plates is considered प्लेट के बीच में घर्षण भी माना जाएगा।
Correct Answer: Option B - सकल व्यास, जोड़ में लगे रिवेट का व्यास होता है। यह रिवेट छिद्र के व्यास के बराबर लिया जाता है। इसे प्रभावी व्यास भी कहते हैं। रिवेट का सकल व्यास, इसके अंकलित व्यास से थोड़ा अधिक होता है क्योंकि रिवेट का छिद्र कुछ बड़ा रखा जाता है ताकि रिवेट उसमें (छिद्र में) सरलता से घुस जाये। जबकि रिवेट का सामान्य व्यास में जोड़ लगाने से पूर्व ठण्डी अवस्था में रिवेट का व्यास है।
B. सकल व्यास, जोड़ में लगे रिवेट का व्यास होता है। यह रिवेट छिद्र के व्यास के बराबर लिया जाता है। इसे प्रभावी व्यास भी कहते हैं। रिवेट का सकल व्यास, इसके अंकलित व्यास से थोड़ा अधिक होता है क्योंकि रिवेट का छिद्र कुछ बड़ा रखा जाता है ताकि रिवेट उसमें (छिद्र में) सरलता से घुस जाये। जबकि रिवेट का सामान्य व्यास में जोड़ लगाने से पूर्व ठण्डी अवस्था में रिवेट का व्यास है।

Explanations:

सकल व्यास, जोड़ में लगे रिवेट का व्यास होता है। यह रिवेट छिद्र के व्यास के बराबर लिया जाता है। इसे प्रभावी व्यास भी कहते हैं। रिवेट का सकल व्यास, इसके अंकलित व्यास से थोड़ा अधिक होता है क्योंकि रिवेट का छिद्र कुछ बड़ा रखा जाता है ताकि रिवेट उसमें (छिद्र में) सरलता से घुस जाये। जबकि रिवेट का सामान्य व्यास में जोड़ लगाने से पूर्व ठण्डी अवस्था में रिवेट का व्यास है।