Correct Answer:
Option A - लैटेराइट मृदा- लैटेराइट मृदा में लौह ऑक्साइड एवं पोटाश की मात्रा अधिक होती है।
- लैटेराइट उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बनने वाली अवशिष्ट मृदा है।
- ताजा खुदाई करने पर बहुत नरम होते है लेकिन लम्बे समय तक रहने के बाद कठोर हो जाते है।
- कठोरता आयरन ऑक्साइड तथा एल्यूमीनियम आक्साइड की सीमेन्टिग क्रिया के कारण आती है।
- इन मृदा को लैटेराइटिक (lateritic Soil) भी कहते है।
A. लैटेराइट मृदा- लैटेराइट मृदा में लौह ऑक्साइड एवं पोटाश की मात्रा अधिक होती है।
- लैटेराइट उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बनने वाली अवशिष्ट मृदा है।
- ताजा खुदाई करने पर बहुत नरम होते है लेकिन लम्बे समय तक रहने के बाद कठोर हो जाते है।
- कठोरता आयरन ऑक्साइड तथा एल्यूमीनियम आक्साइड की सीमेन्टिग क्रिया के कारण आती है।
- इन मृदा को लैटेराइटिक (lateritic Soil) भी कहते है।