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Q: ड्यूजेबरी का दृष्टिकोण था कि अल्पविकसित देशों के भुगतान संतुलन पर किस कारण से गंभीर और विपरीत प्रभाव पड़ेगा?
  • A. बैकवाश प्रभाव
  • B. फैलाव प्रभाव
  • C. प्रदर्शन प्रभाव
  • D. गुणक प्रभाव
Correct Answer: Option C - ड्यूजेनबरी द्वारा प्रस्तुत इस दृष्टिकोण को सापेक्ष आय परिकल्पना कहा गया। इस दृष्टिकोण के अनुसार व्यक्ति उपभोग के सम्बन्ध में अपनी आय के साथ-साथ अपने आस-पास रहने वाले पड़ोसियों के उपभोग व्यय से भी प्रभावित होता है। ड्यूजेनबरी ने इसे उपभोग ढ़ाँचे का सामाजिक आचरण कहा है। इस तरह ड्यूजेनबरी का दृष्टिकोण था कि अल्पविकसित देशों के भुगतान संतुलन पर प्रदर्शन प्रभाव के कारण से गंभीर और विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
C. ड्यूजेनबरी द्वारा प्रस्तुत इस दृष्टिकोण को सापेक्ष आय परिकल्पना कहा गया। इस दृष्टिकोण के अनुसार व्यक्ति उपभोग के सम्बन्ध में अपनी आय के साथ-साथ अपने आस-पास रहने वाले पड़ोसियों के उपभोग व्यय से भी प्रभावित होता है। ड्यूजेनबरी ने इसे उपभोग ढ़ाँचे का सामाजिक आचरण कहा है। इस तरह ड्यूजेनबरी का दृष्टिकोण था कि अल्पविकसित देशों के भुगतान संतुलन पर प्रदर्शन प्रभाव के कारण से गंभीर और विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

Explanations:

ड्यूजेनबरी द्वारा प्रस्तुत इस दृष्टिकोण को सापेक्ष आय परिकल्पना कहा गया। इस दृष्टिकोण के अनुसार व्यक्ति उपभोग के सम्बन्ध में अपनी आय के साथ-साथ अपने आस-पास रहने वाले पड़ोसियों के उपभोग व्यय से भी प्रभावित होता है। ड्यूजेनबरी ने इसे उपभोग ढ़ाँचे का सामाजिक आचरण कहा है। इस तरह ड्यूजेनबरी का दृष्टिकोण था कि अल्पविकसित देशों के भुगतान संतुलन पर प्रदर्शन प्रभाव के कारण से गंभीर और विपरीत प्रभाव पड़ेगा।