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Q: ड्रिल का व्यास मापा जाता है–
  • A. मार्जिन रेखा से मार्जिन रेखा तक
  • B. शैंक से
  • C. बॉडी क्लीरेंस से
  • D. उपरोक्त कोई नहीं
Correct Answer: Option A - लैण्ड (Land) के ऊपर कटिंग साइज में एक बहुत बारीक सी उभरी हुई रेखा स्पाइरल आकार में होती है। उसे ही मार्जिन (Margin) कहते है। यह होल की साइज बताती है। दो विपरीत मर्जिनों के बीच की दूरी ही ड्रिल का व्यास (diameter) होती है।
A. लैण्ड (Land) के ऊपर कटिंग साइज में एक बहुत बारीक सी उभरी हुई रेखा स्पाइरल आकार में होती है। उसे ही मार्जिन (Margin) कहते है। यह होल की साइज बताती है। दो विपरीत मर्जिनों के बीच की दूरी ही ड्रिल का व्यास (diameter) होती है।

Explanations:

लैण्ड (Land) के ऊपर कटिंग साइज में एक बहुत बारीक सी उभरी हुई रेखा स्पाइरल आकार में होती है। उसे ही मार्जिन (Margin) कहते है। यह होल की साइज बताती है। दो विपरीत मर्जिनों के बीच की दूरी ही ड्रिल का व्यास (diameter) होती है।