Correct Answer:
Option A - डीजल इंजन में द्वितीयक फिल्टर ट्रांसफर पम्प तथा इंजैक्टर के बीच में लगा होता है। इंजन के बिना परेशानी के लम्बे समय तक कार्य करने के लिए साफ ईंधन को हाईप्रेशर प्रिसीजन पम्पों और इंजैैक्शन नॉलियो में ले जाना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि ईंधन में धूल होगी तो न केवल ईंधन पम्प खराब होगा बल्कि सिलेण्डर, लाइनर्स पिस्टन और पिस्टन रिंगों में घिसावट हो सकती है। डीजल इंजन की ईधन पद्धति में, फिल्टर प्राय: निम्नलिखित लोकेशन पर स्थित किया जाता है।
(1) ईंधन टैकों के इनलेट पर
(2) ईंधन फीड पम्प के इनलेट पर
(3) ईंधन फीड पम्प और ईंधन इंजैक्शन पम्प के बीच में ड्यूल फिल्टर
(4) प्रत्येक इंजैक्टर के इनलैट पर
A. डीजल इंजन में द्वितीयक फिल्टर ट्रांसफर पम्प तथा इंजैक्टर के बीच में लगा होता है। इंजन के बिना परेशानी के लम्बे समय तक कार्य करने के लिए साफ ईंधन को हाईप्रेशर प्रिसीजन पम्पों और इंजैैक्शन नॉलियो में ले जाना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि ईंधन में धूल होगी तो न केवल ईंधन पम्प खराब होगा बल्कि सिलेण्डर, लाइनर्स पिस्टन और पिस्टन रिंगों में घिसावट हो सकती है। डीजल इंजन की ईधन पद्धति में, फिल्टर प्राय: निम्नलिखित लोकेशन पर स्थित किया जाता है।
(1) ईंधन टैकों के इनलेट पर
(2) ईंधन फीड पम्प के इनलेट पर
(3) ईंधन फीड पम्प और ईंधन इंजैक्शन पम्प के बीच में ड्यूल फिल्टर
(4) प्रत्येक इंजैक्टर के इनलैट पर