Correct Answer:
Option C - सम्पीडन स्ट्रोक के दौरान पिस्टन B.D.C. से T.D.C. की ओर चलता है, जब पिस्टन T.D.C. पर पहुँचने वाला होता है तब T.D.C. से कुछ देर पहले फ्यूल इंजैक्टर की सहायता से ईंधन के सिलेण्डर में इंजैक्ट किया जाता है।
डीजल इंजन के कम्प्रेशन स्ट्रोक के अंत में वायु का प्रेशर बढ़कर लगभग 35 बार हो जाता है।
डीजल इंजन में फ्यूल 90 से 140 बार पर सिलेण्डर में इन्जेक्ट किया जाता है।
C. सम्पीडन स्ट्रोक के दौरान पिस्टन B.D.C. से T.D.C. की ओर चलता है, जब पिस्टन T.D.C. पर पहुँचने वाला होता है तब T.D.C. से कुछ देर पहले फ्यूल इंजैक्टर की सहायता से ईंधन के सिलेण्डर में इंजैक्ट किया जाता है।
डीजल इंजन के कम्प्रेशन स्ट्रोक के अंत में वायु का प्रेशर बढ़कर लगभग 35 बार हो जाता है।
डीजल इंजन में फ्यूल 90 से 140 बार पर सिलेण्डर में इन्जेक्ट किया जाता है।