Correct Answer:
Option B - डी एन.ए. फिगर प्रिंटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता इलेक्ट्रोफोरेसिस की होती है। इस तकनीक में आमतौर पर रक्त, वीर्य, बाल, स्वाब आदि का प्रयोग किया जाता है। इस पद्धति का सर्वप्रथम प्रयोग 1984 में सर एलेक जोसेफ ने दिया था। डी.एन.ए. फिंगर प्रिंटिग फोरेंसिक साइंस की विधा फिगर प्रिंट तकनीक पर आधारित है। जिस प्रकार किन्हीं दो व्यक्तियों के अंगुल छाप समान नहीं हो सकते, उसी प्रकार डी.एन.ए. का क्रम भी किन्हीं दो व्यक्तियों में समान नहीं होता।
B. डी एन.ए. फिगर प्रिंटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता इलेक्ट्रोफोरेसिस की होती है। इस तकनीक में आमतौर पर रक्त, वीर्य, बाल, स्वाब आदि का प्रयोग किया जाता है। इस पद्धति का सर्वप्रथम प्रयोग 1984 में सर एलेक जोसेफ ने दिया था। डी.एन.ए. फिंगर प्रिंटिग फोरेंसिक साइंस की विधा फिगर प्रिंट तकनीक पर आधारित है। जिस प्रकार किन्हीं दो व्यक्तियों के अंगुल छाप समान नहीं हो सकते, उसी प्रकार डी.एन.ए. का क्रम भी किन्हीं दो व्यक्तियों में समान नहीं होता।